7 important facts of History of Manbhum dynasty in Hindi.

history-of-manbhum

Hello Aspirants, Top 7 facts of History of Manbhum/Dhanbad dynasty in Hindi with pdf  विस्तार से बताएँगे जो  JSSC CGL और JPSC तैयारी में आपकी मदद करेगा।

Manbhum/History of Dhanbad in Hindi टॉपिक से राज्य में आयोजित सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाते हैं।

Top 7 facts of History of Manbhum/Dhanbad- Question 

Manbhum – Dhanbad dynasty – Important Question
Sr no. Question
1. Manbhum के मान वंश का प्रमाण किन प्राचीन श्रोतों से प्राप्त हुई हैं ?
2. भूमिज स्वराज्य आंदोलन किसके शासन काल में हुई थी ?
3. गोमुखी राजा किस राजवंश से सम्बंधित थे ?
4. गोमुखी राजा किसके पुत्र थे ?
5. पंचेत राज्य का राज चिह्न क्या था? ?
6. पंचेत राज्य में किला का निर्माण किसके शासन काल में हुआ था ?
7. पंचेत राज्य में किला का निर्माण किसने कराया था ?

History of Manbhum Dhanbad Introduction

मानभूम – धनबाद क्षेत्र में दो राजवंश का प्रमुख रूप से उल्लेख मिलता है –

1. मानभूम का मान वंश और

2. मानभूम का पंचेत राज्य।

history-of-manbhum

Tags: Manbhum History of Dhanbad in Hindi, Jharkhand GK, Jharkhand Gk in Hindi, Jharkhand Samanya Gyan, JSSC CGL, JPSC Notes.

मानभूम का मान वंश

  • शासन – क्षेत्र – हज़ारीबाग एवं मानभूम।
  • उल्लेख / प्रमाण

  1. 8वी सदी ई. के दूधपानी शिलालेख (हज़ारीबाग),
  2. 14वीं सदी के गोविन्दपुर शिलालेख (धनबाद) तथा
  3. कवि गंगाधर द्वारा रचित एक रचना में इनका उल्लेख मिलता है।

नोट: भूमिज स्वराज्य आंदोलन (10वीं सदी) मानवंशी शासक के काल खंड में हुआ था जिसका मुख्य कारण मानवंशी शासक का अत्याचार था।

मानभूम का पंचेत राज्य

  • संस्थापक – गोमुखी राजा (काशीपुर नरेश के पुत्र )
  • शासन क्षेत्र- मानभूम।

पंचेत राज्य Manbhum का सबसे शक्तिशाली राज्य था। एक कथा के अनुसार, काशीपुर नरेश की रानी ने जगन्नाथपुरी की तीर्थ यात्रा के क्रम में एक बच्चे को अरुण वन (आज का पंचेत राज्य ) में जन्म दिया। यह बच्चा बड़ा होकर पंचेत राज्य का संस्थापक बना।

इस बच्चे का लालन पालन एक कपिला नामक गाय ने किया। इस कारण राजा ने कपिला गाय की पूँछ को पंचेत राज्य का राज चिह्न बनाया और गोमुखी राजा के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

बाद में पंचेत और Manbhum राज्य मुग़लों के अधीन हो गए।

History of Manbhum अकबर काल (1556 – 1605 ई.)

Manbhum राजवंश के अंतर्गत पंचेत राज्य सबसे शक्तिशाली राज्य था। मानभूम अकबर के काल खंड में मुग़लों के संपर्क में आया।

मान सिंह ने मिदनापुर जाने के क्रम में वर्ष 1590 में मानभूम से होकर गुजरे और पंचेत राज्य में एक किला का  निर्माण कराया।

History of Dhanbad in Hindi जहांगीर काल (1605 – 1627 ई.)

जहांगीर के काल खंड में बिहार के मुग़ल सूबेदार अफजल खान ने विष्णुपुर (पंचेत राज्य ) पर आक्रमण किया था।

इस काल खंड में मानभूम के पंचेत राज्य के राजा वीर नारायण सिंह पर मुग़लों का आक्रमण हुआ इसके साथ ही मानभूम का क्षेत्र मुग़लों प्रभाव में आ गया।

इस काल खंड में नियमित तौर पर कर की वसूली होने लगी जो की अब तक अनियमित थी। दरअसल पहले मुग़ल सूबेदार के दबाब में कर चूका दी जाती थी पर अब कर नियमित हो गया थी।

Manbhum – उत्तर मुग़ल कालीन (1707 – 1767 ई.)

इस काल खंड में दिल्ली कमजोर पड़ गया था और इसका असर Manbhum के राजवंश पर भी पड़ा। मानभूम में छोटे राजवंश और ज़मींदारों का उदय हुआ।

Manbhum राजवंश की सीमा बंगाल से सटी हुई थी जो East India Company की राजधानी थी। यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ था और इसका फायदा Company के शत्रु और कुछ ज़मींदार उठाते थे।

इस पर नियंत्रण करने हेतु Company ने इस क्षेत्र को अपने अधीन करना चाहा। इस वक़्त मानभूम में छोटे राजवंश और ज़मींदारों का राज हुआ करता था जो कंपनी के खिलाफ युद्ध करने की स्तिथि में नहीं थे।

अंग्रेजों के भय के कारण ये छोटे रजवाड़े और जमींदार जंगलों में शरण लिए हुए थे। परिणामस्वरूप मानभूम में चोर और लूटेरों का उत्पात शुरू हो गया।

पर यह चोर लूटरे अंग्रेजों के लिए शरदर्द साबित हुए। इनको वश में करने के लिए कैप्टेन फर्गुशन ने मानभूम में एक सेना तैनात कर दी और कुछ ज़मींदारों को भी कर देने के लिए विवश किया।

वर्ष 1783 में मेजर क्रॉफोर्ड झालदा के राजा मंगल सिंह को गिरफ्तार कर लिया और इस तरह कंपनी ने मानभूम राजवंश को अपने अधीन कर लिया।

Top 7 facts of History of Dhanbad/Manbhum – Answer

Manbhum – Dhanbad dynasty – Answer
Sr no. Answer
1. Manbhum के मान वंश का प्रमाण दूधपानी शिलालेख,गोविन्दपुर शिलालेख तथा कवि गंगाधर की रचना से प्राप्त हुई हैं ।
2. भूमिज स्वराज्य आंदोलन Manbhum के मान वंशी के शासन में में हुई थी
3. गोमुखी राजा मानभूम का पंचेत राजवंश से सम्बंधित थे
4. गोमुखी राजा काशीपुर नरेश के पुत्र थे
5. पंचेत राज्य का राज चिह्न कपिला गाय की पूँछ थी
6. पंचेत राज्य में किला का निर्माण अकबर काल में हुआ था
7. पंचेत राज्य में किला का निर्माण मान सिंह ने कराया था

PDF

VIEW PDF

Download

झारखण्ड सामान्य ज्ञान /झारखण्ड GK के सम्बंधित अन्य राजवंशों की विस्तृत जानकारी के लिए पढ़े –

History of Jharkhand regional dynasties-Introduction

History of Jharkhand – Regional Dynasties – Detail

Dear AspirantsTop 7 facts of Manbhum – History of Dhanbad in Hindi with pdf discuss किया। यह आर्टिकल आपको Jharkhand में होने वाले सभी Sarkari Naukri exams में आपकी मद्दद करेगा।

7 important facts of History of Manbhum dynasty in Hindi.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to top