Computer Generations in Hindi: 30 important must-know facts!

Computer Generation in Hindi

Hello AspirantsComputer Notes in Hindi Series में हम Computer Awareness/Basic Computer in Hindi की पूरी Series लेकर आ रहे हैं, और आज की इस कड़ी में हम Generation of Computer in Hindi लेकर आए हैं।


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इस Computer in Hindi Notes Series में Computers के विभिन्न Generations के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की जायेगी जैसे –

First-generation of computer in Hindi, Second Generation of computer, Third generation of computer, Fourth Generation of computer, Fifth generation of computer.

History of Computer Generation

कंप्यूटरों का विकास 16 वीं शताब्दी में शुरू हुआ और इसके परिणामस्वरूप हम आज के आधुनिक कंप्यूटरों को देखते हैं। हालांकि, वर्तमान कंप्यूटरों में पिछले पचास वर्षों के दौरान तेजी से बदलाव हुए हैं।

यह अवधि, जिसके दौरान कंप्यूटर का विकास हुआ, को पाँच अलग-अलग चरणों (Generations) में विभाजित किया जा सकता है, जिसे कंप्यूटर की पीढ़ी के रूप में जाना जाता है।

प्रत्येक चरण का उपयोग स्विचिंग सर्किट (SWITCHING CIRCUITS) के प्रकार के आधार पर दूसरों से अलग किया जाता है।

First-generation (1946-1956) – Vaccum Tubes:

First-generation of Computer में Memory के लिए Magnetic Drums और Circuitry के लिए Vaccum Tubes का उपयोग किया जाता था, जो आकार में एक कमरे के बराबर होते थे ।

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के संचालन में मशीन भाषा (Machine Language) जो की कंप्यूटर द्वारा समझे जाने वाला एक निम्नतम स्तर की प्रोग्रामिंग भाषा (Low-level Programming Language) था और एक समय में केवल एक ही समस्या को हल कर सकता था ।

इसमें इनपुट छिद्रित कार्ड (Punched cards) और पेपर टेप (Paper –  tape ) पर आधारित था और आउटपुट प्रिंटआउट पर प्रदर्शित किया गया था।

UNIVAC और ENIAC कंप्यूटर पहली पीढ़ी के कंप्यूटिंग उपकरणों के उदाहरण हैं। 

UNIVAC एक पहला व्यावसायिक कंप्यूटर था जिसे 1951 में US Census Bureau को बेचा गया था।

UNIVAC 1:

इसका निर्माण John Eckert और John Mauchly ने 1951 में किया था। वर्ष 1947 में John Mauchly ने इसका नाम Universal Automatic Computer (“UNIVAC”) रखा।

UNIVAC संख्याओं और वर्णमाला (Numbers and Alphabetic  characters) दोनों को समान रूप से इस्तेमाल करने में सक्षम था। कंप्यूटर के प्रोग्राम को स्टोर करने के लिए मर्करी विलंब लाइनों (Mercury Delay Lines) का उपयोग किया गया था।

1952 में, UNIVAC I ने US Presidential Election के परिणाम का सटिक  भविष्यवाणी किया था ।

ENIAC (Electronic Numerical Integrator and Calculator ) :

यह पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था जिसे University of Pennsylvania, USA  में  John  Eckert और John Mauchly द्वारा ही बनाया गया था।

आज के आधुनिक कंप्यूटर ENIAC जितना शक्तिशाली है, लेकिन आकार बहुत छोटा है।

EDVAC (Electronic Discrete Variable Automatic Computer): 

इसे 1950 में विकसित किया गया था। EDVAC की विशेषता यह थी कि इसमें डेटा और निर्देशों (Instructions) को कंप्यूटर के अंदर ही संग्रहीत (Store) किया जा सकता था जिससे यह बहुत तेजी से संचालन-क्रिया कर सकता था।

निर्देश को संग्रहीत करने का अन्य लाभ यह था कि कंप्यूटर आंतरिक रूप से तार्किक निर्णय (Logical Decision) ले सकता था।

EDSAC (Electronic Delay Storage Automatic Computer): 

इसे M.V. Wilkes  द्वारा 1949 में Cambridge University में विकसित किया गया था।

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Features of First Generation of Computer:

  1. इसमें अपने मुख्य इलेक्ट्रॉनिक घटक के रूप में वाल्व या वैक्यूम ट्यूब का उपयोग किया। 
  2. यह आकार में बड़े थे, प्रसंस्करण में धीमी और भंडारण क्षमता कम थी। 
  3. बिजली की खपत बहुत अधिक थी और बहुत सारी गर्मी पैदा होती थी।
  4. इसे स्थापना के लिए एक बड़ी जगह की आवश्यकता थी।
  5. यह इतने सटीक और विश्वसनीय नहीं थे।
  6. इसमें प्रोग्रामिंग के लिए मशीन स्तर की भाषा का उपयोग किया जो काफी जटिल थे और सिर्फ मशीन ही समझ सकती थीं
  7. यह बहुत महंगे थे। 
  8. उदाहरण: ENIAC, UNIVAC, IBM 650 आदि।

Second Computer Generation (1955 to 1964) Transistor:

1965 के आसपास ट्रांजिस्टर (Transistor) नामक एक उपकरण ने पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के भारी Electric Tubes को बदल दिया।

Transistors, Electric Tubes से छोटे होते हैं और उच्च परिचालन गति होती है। विनिर्माण लागत भी बहुत कम थी। इस प्रकार कंप्यूटर का आकार काफी कम हो गया।

यह दूसरी पीढ़ी ही थी जिसमे कि Central Processing Unit (CPU), Memory, Programming Language and Input and Output units की अवधारणा विकसित की गई थी।

इस अवधि के दौरान प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे COBOL, FORTRAN का विकास हुआ।

Second Computer Generation दूसरी पीढ़ी के कुछ कंप्यूटर थे-

1. IBM 1620: फर्स्ट जेनरेशन की तुलना में इसका आकार छोटा था और ज्यादातर वैज्ञानिक उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाता है।

2. IBM 1401: इसका आकार मध्यम से छोटा और व्यवसाय के लिए उपयोग किया जाता था।

 3. CDC 3600: इसका आकार बड़ा था और इसका उपयोग वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

Features of Second computer Generation :  

  1. Vaccum Tubes के बजाय Transistor का उपयोग किया गया था।
  2. First Generation Computer की तुलना में प्रोसेसिंग स्पीड काफी तेज थी। 
  3. आकार में छोटा था।
  4. इनपुट और आउटपुट डिवाइस तेज थे।
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Third Computer Generation (1965 to 1974): Integrated Chips:

Third Computer Generation 1964 में introduce  किए गए थे जिसमें   Integrated Chips (ICs) का इस्तेमाल किया गया था। ये ICs लोकप्रिय रूप से Chips के नाम से जाने जाते हैं।

एक सिंगल IC में कई ट्रांजिस्टर, रजिस्टर और कैपेसिटर (Capacitor) थे, जो सिलिकॉन के एक पतले स्लाइस पर बनाए गए थे, जिससे कंप्यूटर का आकार और कम हो गया था ।

इस अवधि के दौरान विकसित किए गए कुछ कंप्यूटर IBM-360, ICL- 1900, IBM-370 और VAX-750 थे।

इस अवधि के दौरान उच्च स्तरीय भाषा (High Level Language) जैसे कि BASIC (Beginner’s All Purpose Symbolic Instructor Code)  विकसित की गई थी।

इन पीढ़ियों के कंप्यूटर आकार में छोटे थे, कम लागत, बड़ी मेमोरी और प्रसंस्करण गति (processing speed) बहुत अधिक थीं।

Features of Third computer Generation : 

  1. उन्होंने ट्रांजिस्टर की जगह Integrated Circuits (IC) चिप्स का इस्तेमाल किया।
  2. Semi-Conductor Memory उपकरणों का उपयोग किया गया था।
  3. आकार बहुत कम हो गया था, प्रसंस्करण की गति अधिक थी, वे अधिक सटीक और विश्वसनीय थे।
  4. बड़े पैमाने पर एकीकरण (Large Scale Integration)(LSI) और बहुत बड़े पैमाने पर एकीकरण (Very Large Scale Integration) (VLSI) भी विकसित किए गए थे।
  5. मिनी कंप्यूटर (Mini-Computers) भी इसी पीढ़ी में introduce किए गए थे।
  6. यह प्रोग्रामिंग की उच्च-स्तरीय भाषा (High-Level language) का उपयोग करते थे।

Fourth Computer Generation (1975-1990): Microprocessor :

आज के आधुनिक कंप्यूटर जो आप देखते हैं, वे चौथे पीढ़ी Fourth Computer Generation के कंप्यूटर हैं जो 1975 के आसपास शुरू हुए थे।

यह Large Scale Integrated Circuit (LSIC) का उपयोग करता है जो एक Single सिलिकॉन चिप पर बनाया गया है जिसे माइक्रोप्रोसेसरों (Microprocessor) कहा जाता है।

माइक्रोप्रोसेसर के विकास के कारण, कंप्यूटर की केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई (CPU) को एक चिप पर रखना संभव हो पाया । इन कंप्यूटरों को माइक्रो कंप्यूटर (Micro – Computer) कहा जाता है।

बाद में Large Scale Integrated Circuit (VLSIC) ने LSIC की जगह ले ली।

इस प्रकार, जो कंप्यूटर पहले के दिनों में एक बहुत बड़े कमरे जितना जगह घेर लिया करते थे आज इन्हे एक मेज पर रखा जा सकता है।

पर्सनल कंप्यूटर (PC) जो आप अपने आस – पास  देखते हैं वह Fourth -Generation Computers है।

Features of Fourth computer Generation :

  1. इसमें माइक्रोप्रोसेसर (VLSI) को मुख्य स्विचिंग तत्व के रूप में इस्तेमाल किया। 
  2. इन्हें माइक्रो कंप्यूटर या पर्सनल कंप्यूटर भी कहा जाता है। 
  3. इनका आकार डेस्कटॉप से ​​लैपटॉप या पामटॉप तक भिन्न-भिन्न होता है।
  4. उनके पास प्रसंस्करण की बहुत उच्च गति भी है,
  5. वे 100% सटीक और विश्वसनीय हैं।
  6. उनके पास STORAGE की बहुत बड़ी क्षमता है।
  7. उदाहरण: IBM PC, APPLE Macintosh आदि।

Fifth Computer Generation (1990 to present and future): Artificial Intelligence: 

यह एक ऐसा कंप्यूटर होगा जो मानव भाषाओं से मिलती-जुलती प्राकृतिक भाषाओं को सीखने, तर्क देने और समझाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial- Intelligence) तकनीकों का उपयोग करेगा।

1990 के दशक के कंप्यूटरों को पांचवीं पीढ़ी का कंप्यूटर कहा जाता है। पांचवीं पीढ़ी के कंप्यूटर में गति बहुत अधिक है। इसके अलावा, यह समानांतर प्रसंस्करण (Parallel Computing) कर सकता है।

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अवधारणा यह है की कंप्यूटरअपना निर्णय स्वयं ले सकता है । यह अभी भी एक विकास के चरण में है।

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Dear AspirantsBasic Computer in Hindi Series में हमने Generation of Computers in Hindi पढ़ा।

इस Series के अगले कड़ी में हम Types of Computers के बारे में पढ़ेंगे जो Computer Awareness के लिए एक Most Important topic हैं।

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