Art and Culture of Jharkhand

Hello Aspirants, Jharkhand GS की इस Series में हम आपको Art and Culture of Jharkhand Hindi में बताएँगे।
Art and Culture of Jharkhand Series के इस पार्ट में हम झारखण्ड राज्य के प्रमुख वास्तुकला (Architecture) और मंदिरों के बारे में चर्चा करेंगे।
art-and-culture-of-jharkhand

Art and Culture of Jharkhand-झारखण्ड का वास्तुकला (Architecture)

Jharkhand Art and Culture में झारखण्ड का वास्तुकला ( किला/ Fort) का महत्वपूर्ण योगदान है। आइए जानते हैं झारखंड के कुछ प्रमुख किलायों के बारे में –

पलामू किला, लातेहार

इसका निर्माण चेरों वंश के शासकों (प्रताप राय  व  मेदिनी राय ) ने कराया था। पलामू किला लातेहार जिला में बेतला राष्ट्रीय उद्यान के निकट औरंगा नदी पर स्तिथ है। पलामू में दो किला हैं – पुराना किला और नया किला।

पुराना किला का निर्माण प्रताप राय ने मुस्लिम आक्रांताओं से अपने राज्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कराया था। प्रताप राय मुग़ल बादशाह शाहजहां का समकालिक था।

नया किला का निर्माण मेदिनी राय ने कराया था जो औरंज़ेब का समकालिक था। नया किला अपने “नागपुरी फाटक” (दरवाज़ा ) के लिए प्रसिद्ध था।

इस किला के अंदर मंदिर के साथ मस्जिद भी था जिसका निर्माण औरंज़ेब के सेनापति और बिहार के सूबेदार दाऊद खान ने पलामू फ़तेह के बाद वर्ष 1661 में कराया था।

नवरतनगढ़ का किला , गुमला

इस महल का निर्माण नागवंशी राजा दुर्जनशाल ने अपनी राजधानी दोईसा में कराई थी इसलिए इसे दोईसागढ़ का किला भी कहा जाता है। नवरतनगढ़ महल का मुख्या आकर्षण इसका खजाना घर है।

चक्रधरपुर का रजवाड़ी , पश्चिम सिंघभूम

इस निर्माण सिंह-वंशी राजा अर्जुन सिंह के पुत्र नरपति सिंह ने चक्रधरपुर में कराया था।  इस रजवाड़ी का निर्माण पत्थरों के बजाय ईंटों से की गयी थी।

तेलियागढ़ी किला , साहिबगंज 

इस किला का निर्माण किसने किया था यह स्पष्ट नहीं है पर इस क्षेत्र (राजमहल ) पर शेर शाह सूरी का अधिकार था। इसी क्षेत्र  इस्तेमाल कर वह मुग़ल बादशाह हुमायूँ और बंगाल पर हमला कर लूट-पाट किया करता था।

तेलियागढ़ी किला को “बंगाल का प्रवेश द्वार” भी कहा जाता है क्यूंकि बंगाल जाने के लिए यह सबसे छोटा और सुरक्षित मार्ग था।

पालकोट का राजमहल , गुमला

इसका निर्माण नागवंशी शासक यदुनाथ शाह ने पालकोट (गुमला जिला ) में कराया था। यदुनाथ शाह ने अपनी राजधानी दोईसा से बदल कर पालकोट कर लिया था और इसी कारण यहाँ किला का निर्माण करवाया गया।

Art and Culture of Jharkhand- अन्य महत्वपूर्ण किला 

jharkhand’s Architecture
SR No. किला शासक स्थान नदी /किनारा
01 पलामू किला प्रताप राय व मेदिनी राय लातेहार जिला औरंगा नदी
02 नारायणपुर का किला भागवत राय लातेहार
03 शाहपुर चांदनी गोपाल राय मेदनीनगर (पलामू ) दक्षिण कोयल
04 विश्रामपुर किला चेरोवँशी राजा पलामू
05 रोहिल्ला किला मुज़फ्फर खान अलीनगर, पलामू
06 चैनपुर महल चेरोवँशी दीवान पूरणमल पलामू
07 तेलियागढ़ राजमहल
08 नवरतनगढ़ दुर्जनशाल गुमला
09 नागफेनी राजभवन गुमला नागफेनी
10 पालकोट का राजमहल यदुनाथ शाह गुमला
11 चक्रधरपुर राजवाड़ा नरपति सिंह पश्चिम सिंघभूम
12 जग्गनाथपुर किला जग्गनाथ सिंह पश्चिम सिंघभूम
13 जैंतगढ़ किला अर्जुन सिंह पश्चिम सिंघभूम वैतरणी नदी
14 केसनागढ़ का किला पश्चिम सिंघभूम
15 बादम का किला हेमंत सिंह हज़ारीबाग़
16 पद्मा का किला , हज़ारीबाग़
17 रामगढ किला सबल राय रामगढ
18 पंचकोट का किला गोमुखी राजा पंचेत पहाड़ (धनबाद) बराकर नदी
19 झरियागढ़ का किला धनबाद
20 कुंडा का किला चेरोवंशी राजा चतरा
21 रातू राजमहल नागवंशी राजा रांची उदय नाथ शाहदेव
22 तिलमी का किला नागवंशी ठाकुर (अकबर ) खूंटी

Art and Culture of Jharkhand- प्रमुख मंदिर

छिन्नमस्तिका मंदिर – रामगढ

छिन्नमस्तिका मंदिर में माँ काली का सर रहित मूर्ति विराजमान है जो रामगढ जिला के रजरप्पा में दामोदर एवं भैरवी नदी (भेड़ा नदी ) के संगम पर स्तिथ है। इस मंदिर को “वन दुर्गा मंदिर” भी कहा जाता है। साथ ही यह एक तांत्रिक पीठ भी है।

हापामुनी मंदिर – गुमला

इस मंदिर में भी माँ काली की मूर्ति प्रतिस्थापित है और साथ ही यह एक शक्ति पीठ भी है। इस मंदिर का निर्माण नागवंशी राजा गजघंट राय ने कराया था और हरिनाथ नाम के एक मराठा ब्राह्मण को इसका मुख्या पुजारी नियुक्त किया था।

वसुदेवराय मंदिर- लोहरदग्गा

वसुदेवराय मंदिर लोहरदग्गा जिला के कोराम्बे (सेन्हा) में स्तिथ है। इसका निर्माण नागवंशी राजा छत्र कर्ण ने कराया था।

ज्ञात हो की नागवंशी राजा भीम कर्ण पर सरगुजा के रक्सेल राजा ने आक्रमण कर दिया था पर भीम कर्ण ने उसे पराजित कर दिया और रक्सेल राजा के क्षेत्र में लूट पाट मचाया था।

इन्ही लूटपाट में वासुदेव की एक मूर्ति भी शामिल थी जिसे बाद में छत्र कर्ण ने कोराम्बे में प्रतिस्थापित किया।

Art and Culture of Jharkhand -अन्य प्रमुख मंदिर

मंदिर मूर्ति स्थान निर्माता राजवंश
वैद्यनाथ मंदिर(रावणेश्वर मंदिर) महादेव देवघर राजा पूरणमल गिद्दौर राजवंश
वासुकिनाथ धाम नागवासुक दुमका वसाकि तांती
युगल मंदिर(नौलखा मंदिर) राधा-कृष्ण देवघर
तपोवन मंदिर महादेव देवघर
महामाया मंदिर देवी काली गुमला राजा गजघंट राय नागवंश
टांगीनाथ मंदिर महादेव गुमला
कपिलनाथ मंदिर महादेव गुमला रामशाह नागवंश
आंजन धामा देवी अंजनी/हनुमान गुमला
वासदेवराय मंदिर(हल्दी घाटी मंदिर) वासदेव लोहरदग्गा छत्र कर्ण नागवंश
राधावल्लभ मंदिर राधा कृष्ण रांची रघुनाथ शाह नागवंश
जग्गनाथ मंदिर जग्गनाथ-सुभद्रा रांची ठाकुर एनी शाह / राजा राम शाह नागवंश
मदन-मोहन मंदिर कृष्ण रांची रघुनाथ शाह नागवंश
सूर्य मंदिर सूर्य नारायण रांची संस्कृति विहार
वेनुसागर मंदिर जैन बौद्ध शिव पश्चिम सिंघभूम
रंकिणी देवी मंदिर (घाटशिला ) रंकिणी देवी पश्चिम सिंघभूम
पार्वती मंदिर देवी पार्वती धनबाद
छिन्नमस्तिका मंदिर (वन दुर्गा मंदिर ) देवी काली रजरप्पा रामगढ नरेश रामगढ राजवंश
कौलेश्वरी मंदिर देवी कौलेश्वरी चतरा
भद्रकाली मंदिर देवी काली चतरा
माँ योगिनी मंदिर देवी सती गोड्डा चारुशीला देवी
उग्र तारा मंदिर देवी उग्रतारा देवी लक्ष्मी लातेहार
दशशीष महादेव मंदिर महादेव पलामू
😊😊

Dear Aspirants, Jharkhand GS की इस Series में हमने  Art and Culture of Jharkhand in hindi में कुछ important points के बारे में बताया ।

Jharkhand GS/GK in hindi series के अगले कड़ी में हम झारखण्ड के Tribal Paintings के बारे में जानेंगे।

यह GS/GK Series आपको Jharkhand में होने वाले सभी Sarkari Naukri Exams में आपकी मद्दद करेगा।

Art and Culture of Jharkhand

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to top