Nagvanshi- Naga Dynasty Jharkhand: 34 important facts Hindi.

Nagvanshi – Nag Dynasty Jharkhand

NAGVANSHI NAG DYNASTY (नाग वंश) छोटानागपुर, झारखण्ड के क्षेत्रीय राजवंशों में एक विशेष स्थान रखता था।

नागवंश ने झारखंड में मुंडाओं का स्थान लिया। फनी मुकुट राय को नागवंश का जनक/संस्थापक माना जाता है। इस राज्य की स्थापना 10 वी सदी में हुई थी।

अन्य राजवंशों के तुलना में Nagvansi नाग वंश छोटानागपुर का शक्तिशाली और बड़ा क्षेत्र था।

NagvansiNag Dynasty के शंख नदी में हीरे मिलने का भी साक्ष्य मिलते थे जिसका उल्लेख आचार्य चाणक्य ने भी अपनी पुष्तक “अर्थशास्त्र “ में किया है।

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हम jharkhandjobportal के माध्यम से छोटानागपुर के Nagvanshi Nag-Dynasty Jharkhand के बारे में कुछ महत्वपूर्ण Exam Related बिंदुओं पर चर्चा करेंगे।  

Nagvanshi – Nag dynasty अकबर-काल (1556-1605 ई.)

सुल्तनत काल में तो झारखण्ड इन आक्रांताओ से बचा रहा पर  मुग़ल काल में झारखण्ड को इनका दंश झेलना पड़ा।

अकबर का Nagvanshiनाग वंश राज्य पर कब्ज़ा करने के तीन प्रमुख कारण थे –

1. सामरिक कारण

  • झारखण्ड की भौगोलिक पृष्टभूमि अकबर के विरोधियों के छिपने के लिए एक उपयुक्त आश्रय प्रदान करता था।
  • अकबर के पिता हुमायूँ के विरुद्ध शेर खाँ ने तथा स्वयं अकबर के विरुद्ध अफगानों ने इस क्षेत्र का भरपूर उपयोग किया था।

2. राजनीतिक कारण

अन्य राजवंशों के तुलना में Nagvansi नाग वंश छोटानागपुर का शक्तिशाली और बड़ा क्षेत्र था। इस राज्य पर कब्ज़ा कर लेने से बाकि सभी राजवंशों पर अप्रत्यक्ष्य दबाब बनता था।

3. आर्थिक कारण

  • कोकरह की शंख नदी में मिलने वाले हीरे जो Nagvansiनाग वंश शासित छोटानागपुर में स्तिथ था, ने अकबर का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया। (आचार्य चाणक्य ने भी इस बात का जिक्र अपनी पुष्तक “अर्थशास्त्र “ में किया है।)
  • छोटानागपुर दक्षिण भारत तक पहुँचने में नवीन मार्ग प्रदान करता था।

वर्ष 1585 ई. में अकबर ने खुखरा (कोकरह) पर अधिकार करने के लिए अपने सेनापति शाहबाज खाँ कम्बू को भेजा।

मुग़ल सेना Nagvanshi राजा मधुकरण शाह को बंदी बनाकर मुगल दरबार ले जाया गया।

वर्ष 1590-92 ई. में मधुकरण शाह ने उड़ीसा के शासक कुतुल खाँ व उसके बेटे निसार खाँ के विरुद्ध मुगल मनसबदार मान सिंह के नेतृत्व में  हुए मुगल अभियान में मुगलों का साथ दिया।

16वीं सदी ई. के अंत तक छोटानागपुर का Nagvansiनाग वंश का अधिपत्य समाप्त हो गया।

Nagvanshi – जहाँगीर-काल (1605-27 ई.)

अकबर के बाद जहांगीर मुग़ल बादशाह बना और मधुकरण शाह के बाद उसका पुत्र दुर्जनशाल  Nagvanshi राजा बना।

कोकरह के नये Nagvanshi शासक दुर्जनशाल ने मुगलों की अधीनता को ठुकरा दिया। जहाँगीर ने 1615 ई. में इब्राहिम खाँ को कोकरह पर अधिकार करने का आदेश दिया।

वास्तव में जहांगीर की रूचि कोकराह में मिलने वाली हीरों पर थी जिसका वर्णन जहाँगीर ने अपने आत्मकथा ‘तुजुक-ए-जहाँगीरी’ में किया है।

मुगल इतिहास-ग्रंथों में भी कोकरह के Nagvanshi राजा को ‘जमींदार-ए-खान-अलामा’ (अर्थात् हीरा खान का मालिक) कहा गया है।

इब्राहिम खाँ ने दुर्जनशाल को बंदी बनाकर मुगल दरबार भेज दिया। जहाँगीर ने दुर्जनशाल को ग्वालियर के किले में कैद कर दिया जहाँ वह 12 वर्षों तक (1615-27) कैद रहा।

जहाँगीर ने इब्राहिम खाँ को चार हजारी मनसबदार बनाया तथा उसे ‘फाथ जंग’ की उपाधि दी।

1527 ई. में मुगल दरबार में एक हीरे की असलियत की पहचान कर लेने से खुश होकर जहाँगीर ने दुर्जनशाल को ‘शाह’ की पदवी दी और उसका राज्य और सालाना कर देने की शर्त के साथ उसे कैद से मुक्त कर दिया।

Nagvanshi  शाहजहाँ-काल (1628-58 ई.)

दुर्जनशाल, जहाँगीर द्वारा कैद मुक्त किये जाने के बाद 1627 ई. में कोकरह के स्थान पर दोइसा  को नया राजधानी बनाया।

राजधानी परिवर्तन सुरक्षा की दृष्टि से किया गया था। दोइसा तीन ओर पहाड़ी तथा एक ओर दक्षिणी कोयल नदी से घिरा था।

दुर्जनशाल ने दोइसा में अनेक सुन्दर भवनों का निर्माण करवाया था जिनमें नवरतनगढ़ शामिल  था।

दुर्जनशाल ने मुग़लों की तरह इस भवन में ‘झरोखा दर्शन’ की व्यवस्था की और झरोखे से प्रजा को दर्शन देना प्रारम्भ किया।

दुर्जनशाल के मरणोपरांत रघुनाथ शाह Nagvanshi शासक बना।

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Nagvanshi राजवंश और औरंगजेब (1658-1707 ई.)

मुगल बादशाह औरंगजेब के समकालीन नागवंशी शासक थे – रघुनाथ शाह एवं उसका पुत्र राम शाह

रघुनाथ शाह (1640-90 ई.)

रघुनाथ शाह के शासन काल में राज्य पर दो आक्रमण हुए –

  • पहला आक्रमण खानजादा द्वारा जिसका उल्लेख फ्रांसीसी यात्री टैवरनियर ने किया है, तथा
  • दूसरा पलामू के चेरोवंशी शासक मेदिनी राय द्वारा।

मेदिनी राय ने राजधानी दोईसा पर आक्रमण कर पत्थर का एक विशाल फाटक लूट लिया जिसे उसने पलामू के पुराने किले के निकट ‘नया किला’ में लगवाया। यह फाटक आज ‘नागपुर द्वार’ के नाम से प्रसिद्ध है।

इसके बाद रघुनाथ शाह ने अपने राज्य में कई इमारतें बनवाईं जिनमें — मदन मोहन मंदिर  (बेड़िया,राँची ), हरि ब्रह्मचारी द्वारा राम-सीता मंदिर (चुटिया – राँची रेलवे स्टेशन) का निर्माण उल्लेखनीय हैं।

रघुनाथ शाह के धर्मगुरु का नाम हरिनाथ था। 

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नागवंशी राम शाह (1690-1715 ई.)

रघुनाथ शाह के बाद राम शाह (1690-1715 ई.) नागवंशी शासक बना। राम शाह ने पलामू, रीवां व सिंघभूम राज्यों पर आक्रमण कर पराजित किया और बाद में रीवां एवं सिंहभूम राज्यों के साथ अपने पुत्र ऐनी शाह का वैवाहिक संबंध स्थापित किया ।

Nagvanshi Dynasty उत्तर मुगलकाल (1707-67 ई.)

राम शाह मुगल बादशाह बहादुर शाह I (1707-12 ई.) का समकालीन था। इस काल में मुग़ल बादशाहत कमजोर पड़ गयी थी और मराठों का उदय हो चूका था।

इस कारण बिहार-बंगाल में अराजकता फ़ैल गयी जिसका लाभ उठाकर झारखंड के सभी क्षेत्रीय राजवंश मुस्लिम नियंत्रण से पूर्णत: मुक्त होना शुरू हो गए।

नागवंशी रामशाह के मरणोपरांत  यदुनाथ शाह छोटानागपुर का Nagvanshi शासक बना।

यदुनाथ शाह (1715-24 ई.)

यदुनाथ शाह मुगल बादशाह फर्रुखसियर (1713-19 ई.) का समकालीन था। इनके समय में बिहार के मुगल सूबेदार सरबुलंद खाँ के आक्रमण ने राज्य की राजधानी दोइसा की कमजोरियां उजागर किया (ज्ञात हो कि दोइसा को राजधानी दुर्जन साल ने सुरक्षा की दृष्टि से बनाया था।)

अतएव यदुनाथ शाह ने पालकोट (गुमला जिला) को नयी राजधानी बनाया।

यदुनाथ शाह के मरणोपरांत, शिवनाथ शाह, उदयनाथ शाह और  श्यामसुन्दरनाथ शाह  छोटानागपुर का नागवंशी शासक बने।

श्यामसुन्दरनाथ शाह (1740-45 ई.)

उदयनाथ शाह के मरणोपरांत श्यामसुन्दरनाथ शाह नागवंशी राजा बने। वर्ष 1742 में मराठा भास्कर राव पंडित ने बंगाल पर आक्रमण के दौरान झारखंड के नाग वंश पर सर्वप्रथम आक्रमण किया।

मराठा आक्रमणों के फलस्वरूप झारखंड में मुग़लों का स्थान मराठों ने ले लिया। 1743 ई. में पेशवा बालाजी राव  एवं रघुजी भोंसले के बीच झारखण्ड क्षेत्र में दोनों के प्रभाव के निर्धारण हेतु एक संधि हुई।

इस संधि के अनुसार झारखंड रघुजी भोंसले के प्रभाव-क्षेत्र के अंतर्गत पड़ा।

Nagvanshi Empire और अंग्रेज (1767 – 1837 ई.)

अंग्रेजों के आगमन के समय छोटानागपुर का Nagvanshi शासक दर्पनाथ शाह थे। 

दर्पनाथ शाह  

अपने शासन के दौरान दर्पनाथ शाह दो मुख्य चुनौतियों का सामना कर रहे थे –

  • पहला – दर्पनाथ शाह के राज्य के दक्षिणी भाग में लड़ाका कोलों ने उपद्रव मचा रखा था और
  • दूसरा –  नागवंशी राज्य को सालाना कर रामगढ़ के राजा मुकुंद सिंह को देना पडता था।

इन सब कारणों से मुक्ति पाने के लिए दर्पनाथ शाह स्वयं सतबरबा जाकर कैप्टेन जैकब कैमक से मुलाकात किया। क्यूंकि दर्पनाथ शाह पलामू के चेरो के खिलाफ अंग्रेजों की सफलता से प्रभावित थे।

Nagavanshi-Naga Dynasty important Facts

Nagavanshi-Naga Dynasty – प्रमुख तथ्य
Sr no. Question Answer
1. नागवंशी राज्य की स्थापना किसने की थी ? फणि मुकुट राय
2. प्रथम नागवंशी राजा कौन थे ? फणिमुकुट राय
3. फणिमुकुट राय किस वंश से संबंधित थे ? नागवंश
4. फणिमुकुट राय के राज्य में कितने परगने थे ? 66 परगने
5. नागवंशी राज्य की स्थापना किस शताब्दी में की गई थी ? प्रथम शताब्दी
6. किस नागवंशी राजा को नागवंश का आदिपुरुष माना जाता है ? फणिमुकुट राय
7. फणिमुकुट राय ने किसे अपनी राजधानी बनायीं ? सुतियाम्बे
8. चुटिया किस नदी के तट पर बसा है ? स्वर्ण रेखा
9. किस नागवंशी राजा ने अपनी राजधानी सूतियाम्बे से बदलकर चुटिया कर लिया था ? प्रताप राय
10. किस नागवंशी राजा ने खुखरा को अपनी राजधानी बनायी थी ? भीम कर्ण ने
11. किस नागवंशी राजा ने भीम सागर का निर्माण करवाया था। ? भीम कर्ण ने
12. किस नागवंशी राजा ने स्वर्ण रेखा नदी के समीप “सतरंजी” में अपनी राजधानी स्थापित की थी ? ऐनीशाह
13. जगन्नाथ मंदिर का निर्माण किस नागवंशी शासक द्वारा कराई गई थी ? ऐनीशाह
14. नागवंशी शासक ऐनीशाह द्वारा जगन्नाथ मंदिर का निर्माण किस वर्ष में कराई गई थी ? 1961 ई.
15. किस नागवंशी राजा ने डोईसा को अपनी राजधानी बनायी थी ? दुर्जन शाह
16. किस नागवंशी राजा ने पालकोट को अपनी राजधानी बनायी थी ? यदुनाथ शाह
17. रातुगढ़ किस शासक के समय नाग वंश की राजधानी थी ? जगन्नाथ शाहदेव
18. हापामुनि मंदिर (घाघरा, गुमला) का निर्माण किस नागवंशी राजा ने कराया था ? शिवदाश करण
19. किस नागवंशी राजा के शासन काल में जमींदारी उन्मूलन हुआ ? चिंतामणि शाहदेव
20. नागवंशी राजा ने सर्वप्रथम नवरतनगढ़ नामक पंचमंजिला भवन का निर्माण कहाँ करवाया था ? दोयसा
21. दोयसा में किस नागवंशी राजा ने नवरत्नगढ़ राज प्रसाद का निर्माण करवाया था ? नागवंशी राजा दुर्जनशाल ने
22. हीरा मिलने का जिक्र आचार्य चाणक्य ने अपनी किस पुस्तक में किया था ? अर्थशास्त्र
23. किस नदी के हीरा मिलने का जिक्र आचार्य चाणक्य ने किया था ? शंख नदी
24. अकबर शासन काल में नागवंशी राजा कौन थे ? मधुकरण शाह
25. ओड़िशा अभियान के दौरान मुग़ल मनसबदार मान सिंह का साथ किस नागवंशी राजा ने दिया था ? मधुकरण शाह
26. जहाँगीर-काल में नागवंशी राजा कौन थे ? दुर्जनसाल
27. मुगल इतिहास-ग्रंथों में कोकरह के Nagvanshi राजा को किस नाम से सम्बोधित किया गया है ? ‘जमींदार-ए-खान-अलामा’
26. जहाँगीर ने दुर्जनशाल को __ की पदवी दी ? ‘शाह’
28. ‘झरोखा दर्शन’ की व्यवस्था किस नागवंशी राजा ने की थी ? दुर्जनसाल
29. मुगल बादशाह औरंगजेब के समकालीन नागवंशी शासक कौन थे ? रघुनाथ शाह एवं उसका पुत्र राम शाह
30. किसके शासन काल में मेदिनी राय ने दोईसा पर आक्रमण किया था ? रघुनाथ शाह।
31. मदन मोहन मंदिर (राँची ) का निर्माण किसने करवाया था ? रघुनाथ शाह।
32. राम-सीता मंदिर (चुटिया – राँची रेलवे स्टेशन) का निर्माण किसने करवाया था ? रघुनाथ शाह।
33. ऐनी शाह किस नागवंशी राजा के पुत्र थे ? राम शाह।
34. किस नागवंशी शासक ने पलामू के चेरों के खिलाफ अंग्रेजों से मदद मांगी थी ? दर्पनाथ शाह

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